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VOL. 1, ISSUE 1 (2025)
भारतीय पारंपरिक चिकित्सा में खुराक और तैयारी के तरीके
Authors
Dr. Reesha Ahmed
Abstract
भारतीय पारंपरिक चिकित्सा, जिसमें आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा शामिल हैं, सदियों से स्वास्थ्य और रोग निवारण में प्रभावशाली भूमिका निभाती रही है। इस शोध का उद्देश्य भारतीय पारंपरिक चिकित्सा में खुराक के विभिन्न रूप और उनके तैयारी के तरीके का विश्लेषण करना है।
अध्ययन से पता चलता है कि पारंपरिक चिकित्सा में खुराक का चुनाव रोग, उम्र, शरीर की प्रकृति और मौसमी परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है। तैयारी के तरीके जैसे काढ़ा, चूर्ण, तेल, लेप, इत्र और हर्बल पेस्ट, उपचार की प्रभावकारिता और रोगी की सहनशीलता दोनों को प्रभावित करते हैं।
शोध में प्रमुख तौर पर आयुर्वेदिक और यूनानी ग्रंथों, आधुनिक शोध पत्रों और चिकित्सीय प्रयोगों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि पारंपरिक चिकित्सा में खुराक की मात्रा, समय और तैयारी की विधि रोग निवारण और स्वास्थ्य संवर्धन में निर्णायक भूमिका निभाती है।
यह शोध पारंपरिक चिकित्सा के वैज्ञानिक और व्यवहारिक पक्ष को उजागर करता है और इसे आधुनिक स्वास्थ्य प्रबंधन में समायोजित करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है।
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Pages:15-18
How to cite this article:
Dr. Reesha Ahmed "भारतीय पारंपरिक चिकित्सा में खुराक और तैयारी के तरीके". World Journal of Hindi, Vol 1, Issue 1, 2025, Pages 15-18
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